भारत सरकार ने 2025–26 से एल्यूमीनियम, सीमेंट, पेपर जैसी उच्च उत्सर्जन वाली 282 इकाइयों के लिए GHG उत्सर्जन में कटौती अनिवार्य की है। नियमों का उल्लंघन करने पर इन उद्योगों पर दंड लगेगा या उन्हें कार्बन क्रेडिट खरीदना होगा।
BulletsIn
- 282 उद्योगों के लिए GHG उत्सर्जन कटौती लक्ष्य निर्धारित
- 2025–26 से लागू, कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम 2023 के तहत
- एल्यूमीनियम, सीमेंट, पेपर, क्लोर-एल्कली उद्योग शामिल
- लक्ष्य न पाने पर क्रेडिट खरीदें या जुर्माना भरें
- जुर्माना = साल भर के औसत क्रेडिट मूल्य का दोगुना, 90 दिन में भुगतान जरूरी
- लक्ष्य तय करेगा ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE), 2023–24 को आधार वर्ष
- भारत के 2070 नेट ज़ीरो लक्ष्य से जुड़ा कदम
- राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्यों (NDCs) की पूर्ति में सहायक
- यूरोपीय यूनियन के CBAM टैक्स नियमों के लिए उद्योगों को तैयार करेगा
- मसौदा अधिसूचना पर सुझाव/आपत्तियाँ 60 दिनों में भेजे जा सकते हैं





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