भारतीय संविधान का भाग I (अनुच्छेद 1-4) भारत की सीमाओं और राज्यों की संरचना को परिभाषित करता है। यह संसद को नए राज्य बनाने, नाम बदलने, विलय करने या सीमाएं बदलने की शक्ति देता है, राज्य की सहमति आवश्यक नहीं है।
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- भारत को “राज्यों का संघ” कहा गया है (अनुच्छेद 1)।
- संसद नए राज्य बना या शामिल कर सकती है (अनुच्छेद 2)।
- सिक्किम अनुच्छेद 2A और तेलंगाना अनुच्छेद 3 से जुड़े।
- अनुच्छेद 3 राज्यों का गठन, नाम/सीमा परिवर्तन की अनुमति देता है।
- राष्ट्रपति की सिफारिश के बिना ऐसा विधेयक पेश नहीं हो सकता।
- संबंधित राज्य से केवल राय ली जाती है, सहमति जरूरी नहीं।
- अनुच्छेद 4 के अनुसार, इन कानूनों के लिए संशोधन जरूरी नहीं।
- 40वां संशोधन (1976) से समुद्री क्षेत्र भारत संघ के अधीन हुआ।
- राज्य अब भी खनिज रॉयल्टी का दावा कर सकते हैं (राज्य सूची 50)।
- संविधान “संघीय” शब्द नहीं, बल्कि “संघ” शब्द उपयोग करता है।





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