फरवरी 2024 में काठमांडू में हुए सम्मेलन में 130 वैश्विक विशेषज्ञों ने हिंदू कुश हिमालय को संकटग्रस्त घोषित किया। 3,500 किलोमीटर लंबी यह पर्वतमाला 8 देशों में फैली है और करोड़ों लोगों के जीवन व पारिस्थितिकी से जुड़ी है। विशेषज्ञों ने तुरंत वित्तीय सहायता और ठोस कार्रवाई की मांग की।
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- हिंदू कुश हिमालय 8 देशों में फैला, भारत, चीन, नेपाल शामिल।
- 130 विशेषज्ञों ने घोषित किया: पारिस्थितिकी तंत्र संकट में।
- 24 करोड़ लोग क्षेत्र में रहते, 1.7 अरब पर अप्रत्यक्ष प्रभाव।
- 10+ नदियों का जलस्त्रोत, कृषि, पीने के पानी, बिजली पर असर।
- 4 वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट, 575 संरक्षित क्षेत्र शामिल।
- जलवायु परिवर्तन व फंडिंग की कमी से संकट तेज।
- भूकंप क्षेत्र में, जलवायु विविध: मानसून से शुष्क तक।
- जैव विविधता से खाद्य, जल व स्वास्थ्य सुरक्षा जुड़ी।
- ICIMOD ने चेताया: तत्काल कदम जरूरी।
- “अब लगभग देर हो चुकी है,” ICIMOD अधिकारी की चेतावनी।





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