गुजरात सरकार ने विश्रामित्री नदी परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य नदी की जल वाहक क्षमता बढ़ाना और बाढ़ की रोकथाम करना है। यह परियोजना नदी को गहरा और चौड़ा करने, जल निकासी और शहरी जल निकायों को पुनर्स्थापित करने पर केंद्रित है।
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- विश्रामित्री नदी परियोजना का लक्ष्य 100 दिनों में नदी की जल वाहक क्षमता को 40% तक बढ़ाना है।
- पिछले साल वडोदरा में आई गंभीर बाढ़ ने व्यापक क्षति पहुंचाई थी और कई लोगों को विस्थापित किया था।
- परियोजना में विश्रामित्री नदी को गहरा और चौड़ा करने के साथ-साथ अंजवा सैलाव, दीन झील जैसे प्रमुख जल निकायों को जोड़ना शामिल है।
- परियोजना पर तेजी से काम करने के लिए 526 मशीनें तैनात की गई हैं।
- अब तक 9.98 लाख घन मीटर मिट्टी और कीचड़ को नदी के किनारे से निकाला गया है।
- करीब 68 हेक्टेयर वन क्षेत्र को साफ किया गया है ताकि जल प्रवाह में सुधार हो सके।
- वडोदरा के 10 प्रमुख झीलों की सफाई और पुनर्स्थापना भी इस पहल का हिस्सा है।
- 474 गहरे वर्षा जल पुनः चार्ज कुओं का निर्माण योजना में है, जिसमें से 25 पहले ही पूरे हो चुके हैं।
- 500 मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा इकट्ठा कर पुन: चक्रण के लिए भेजा गया है।
- परियोजना में 11,000 मीट्रिक टन बजरी को भी पुन: उपयोग के लिए संकलित किया गया है।
- अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना बाढ़ नियंत्रण, पर्यावरण पुनर्स्थापना और जलवायु लचीलापन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।





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