प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को संसद द्वारा वक्फ (संशोधन) बिल और मुसलमान वक्फ (रद्दीकरण) बिल के पारित होने पर इसे भारत के सामाजिक-आर्थिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक “महत्वपूर्ण मोड़” बताया। यह बिल लोकसभा और राज्यसभा दोनों में गर्म बहस के बाद पारित हुआ।
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- प्रधानमंत्री मोदी ने बिलों के पारित होने को सामाजिक-आर्थिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
- वक्फ (संशोधन) बिल को राज्यसभा में 128 वोटों से पारित किया गया, जबकि 95 वोट इसके खिलाफ थे।
- यह बिल लोकसभा में एक दिन पहले करीब 12 घंटे की बहस के बाद पारित हुआ था।
- मोदी ने कहा कि यह सुधार वक्फ प्रणाली में आवश्यक पारदर्शिता लाएगा, जो दशकों से पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी से जूझ रही थी।
- ये सुधार विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं, गरीब मुस्लिमों और पासमंदा मुस्लिमों के अधिकारों की रक्षा करेंगे।
- वक्फ प्रणाली को पारदर्शिता की कमी और कमजोर वर्गों के हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है।
- यह कानून वक्फ प्रणाली को आधुनिक बनाएगा और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देगा।
- यह सुधार उन लोगों के लिए अधिक पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेंगे जो हाशिए पर हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों और सार्वजनिक योगदानकर्ताओं का आभार व्यक्त किया जिन्होंने इन बिलों को आकार देने में मदद की।
- अब ये बिल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजे जाएंगे, इसके बाद यह कानून बनेगा।





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