भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) 2028 तक भारत के अंतरिक्ष स्टेशन, भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS), का पहला मॉड्यूल लॉन्च करने की योजना बना रहा है। पूरा अंतरिक्ष स्टेशन 2035 तक पांच मॉड्यूल के साथ पूर्ण रूप से ऑपरेशनल होगा। इस लक्ष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम जनवरी 2025 में सफल अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग (SPADEX) के साथ बढ़ा।
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- ISRO 2028 तक भारत के अंतरिक्ष स्टेशन BAS का पहला मॉड्यूल लॉन्च करने का लक्ष्य रखता है।
- पांच मॉड्यूल के साथ पूरा अंतरिक्ष स्टेशन 2035 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
- केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने राजसभा में इस विकास की योजना की पुष्टि की।
- ISRO पहले मॉड्यूल BAS-01 के लिए उपप्रणाली इंजीनियरिंग पर काम कर रहा है।
- जनवरी 2025 में SPADEX मिशन BAS विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
- SPADEX ने 16 जनवरी 2025 को दो उपग्रहों के बीच इन-ऑर्बिट डॉकिंग का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।
- 13 मार्च 2025 को उपग्रहों ने सफलतापूर्वक अनडॉकिंग की, जिससे डॉकिंग क्षमताओं की पुष्टि हुई।
- सर्कुलर ऑर्बिट में डॉकिंग और अनडॉकिंग संचालन BAS के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए।
- SPADEX मिशन 30 दिसंबर 2024 को सैटिश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया था।
- ISRO अब अंतरिक्ष स्टेशन के लिए आवश्यक स्वायत्त डॉकिंग क्षमता विकसित करने के लिए तैयार है।





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