मंगलवार को, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) के तहत बेंगलुरु स्थित रक्षा जैव-इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रो मेडिकल प्रयोगशाला (DEBEL) ने LCA तेजस विमान के लिए स्वदेशी ऑन-बोर्ड ऑक्सीजन जनरेटिंग सिस्टम (OBOGS)-आधारित एकीकृत जीवन समर्थन प्रणाली (ILSS) का उच्च-ऊंचाई परीक्षण सफलतापूर्वक किया। यह परीक्षण भारत के एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा गया।
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- DRDO ने LCA तेजस के लिए स्वदेशी ILSS का उच्च-ऊंचाई परीक्षण सफलतापूर्वक किया।
- यह प्रणाली पायलटों के लिए सांस लेने योग्य ऑक्सीजन उत्पन्न करती है, जिससे पारंपरिक तरल ऑक्सीजन सिलिंडर की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।
- परीक्षण 50,000 फीट की ऊंचाई तक चरम परिस्थितियों में किए गए थे।
- परीक्षणों में एरोबेटिक मैन्युवर्स, टेक-ऑफ, क्रूज और लैंडिंग जैसी स्थितियों का आकलन किया गया।
- ILSS ने सभी आवश्यक एरोमेडिकल मानकों को पूरा किया और उड़ान के दौरान ऑक्सीजन की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की।
- प्रणाली में 10 लाइन रिप्लेसबल यूनिट्स, जैसे लो-प्रेशर ब्रीदिंग रेगुलेटर और इमरजेंसी ऑक्सीजन सिस्टम शामिल हैं।
- यह परीक्षण भारत की बढ़ती स्वनिर्भरता को दर्शाता है, क्योंकि इसमें 90% स्वदेशी सामग्री है।
- सिस्टम को CEMILAC द्वारा मंजूरी मिल चुकी है, जो इसकी विश्वसनीयता और सुरक्षा को प्रमाणित करता है।
- DRDO और L&T के सहयोग से विकसित इस प्रणाली को MiG-29K जैसे अन्य विमानों में भी उपयोग के लिए अनुकूलित किया जा सकता है।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता को ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।





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