चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने बुधवार को कहा कि चीन ताइवान के साथ ‘पुनः एकीकरण’ के प्रयास को दृढ़ता से आगे बढ़ाएगा और बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करेगा, साथ ही ताइवान के नागरिकों के साथ मिलकर चीनी राष्ट्र के पुनः जागरण की कोशिश करेगा।
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- प्रधानमंत्री ली कियांग ने अपने वार्षिक कार्य रिपोर्ट में ताइवान के साथ पुनः एकीकरण को दृढ़ता से आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
- चीन ताइवान को अपनी भूमि मानता है, जबकि ताइवान की लोकतांत्रिक सरकार इसका विरोध करती है।
- चीन ने ताइवान के खिलाफ सैन्य दबाव बढ़ा दिया है, जिसमें कई प्रमुख युद्धाभ्यास शामिल हैं।
- ली कियांग ने ताइवान के नागरिकों के साथ मिलकर चीनी राष्ट्र के पुनः जागरण की बात की।
- ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बार-बार बातचीत की पेशकश की, लेकिन चीन ने उन्हें ‘विच्छेदवादी’ कहकर खारिज कर दिया।
- चीन ने कभी भी ताइवान के साथ एकीकरण के लिए बल प्रयोग को नकारा नहीं किया है।
- चीन ने ताइवान के मुद्दे पर बाहरी हस्तक्षेप, विशेषकर अमेरिका से, का विरोध किया है।
- मार्च ताइवान से चीन के ‘एंटी-सेक्शन’ कानून की 20वीं वर्षगांठ का प्रतीक है, जो ताइवान के विभाजन की स्थिति में बल प्रयोग की अनुमति देता है।
- एक वरिष्ठ ताइवानी अधिकारी ने कहा कि बीजिंग की ताइवान नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
- ताइवान के मेनलैंड अफेयर्स काउंसिल ने इस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।





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