केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने “एडवांटेज असम 2.0” शिखर सम्मेलन के दौरान असम के जलमार्गों के रूपांतरण के लिए 4,800 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण योजना का ऐलान किया। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” के दृष्टिकोण के अनुरूप है और जल परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।
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- केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने असम के जलमार्गों के लिए 4,800 करोड़ रुपये की योजना का ऐलान किया।
- योजना का उद्देश्य असम के जल परिवहन प्रणाली को पुनर्जीवित और सुदृढ़ करना है, साथ ही सीमा व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
- इस योजना के तहत 2030 तक ‘हरित नाव योजना’ के अंतर्गत ग्रीन वेसल्स में संक्रमण के लिए 1,500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
- गुवाहाटी और धुबरी में विश्वस्तरीय जल मेट्रो सेवा विकसित करने के लिए 315 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है, जिससे शहरी परिवहन में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
- दीब्रुगढ़ में क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र (RCOE) स्थापित करने के लिए 120 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया।
- ब्रह्मपुत्र के沿 पांच महत्वपूर्ण स्थानों पर नदी किनारे लाइटहाउस बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- डीसीआई द्वारा बांग्लादेश सीमा से पांडू तक 2.5 मीटर ड्राफ्ट बनाए रखने के लिए 191 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
- सोनोवाल ने बताया कि जलमार्गों के विकास से रेलवे और सड़क मार्गों पर दबाव कम होगा और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
- सागरमाला योजना के तहत ब्रह्मपुत्र के沿 नदी आधारित बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 646 करोड़ रुपये का योगदान होगा।
- जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) द्वारा ब्रह्मपुत्र (NW2) और बारक (NW16) नदी पर 1,010 करोड़ रुपये के परियोजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है।
- हाल ही में जोगिघोपा में जलमार्ग टर्मिनल (IWT) का उद्घाटन किया गया, जो इस बड़े परिवर्तन का हिस्सा है।





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