भारतीय विदेश बैंक (IOB) 10 फरवरी 2025 को अपने 89वें स्थापना दिवस के अवसर पर अपनी स्थिरता प्रतिबद्धताओं को सुदृढ़ कर रहा है। बैंक ने Partnership for Carbon Accounting Financials (PCAF) से जुड़ने की घोषणा की है, जिससे वह अपने वित्तीय गतिविधियों से संबंधित ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन को मापने और प्रकाशित करेगा। यह कदम IOB को वैश्विक स्थिरता मानकों के अनुरूप लाता है और भारत के 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य को समर्थन देता है।
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- IOB 10 फरवरी 2025 को अपने 89वें स्थापना दिवस के साथ स्थिरता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- बैंक ने Partnership for Carbon Accounting Financials (PCAF) से जुड़कर कार्बन पारदर्शिता को बढ़ावा दिया।
- PCAF एक वैश्विक पहल है जिसका उद्देश्य वित्तीय संस्थानों के लिए GHG उत्सर्जन रिपोर्टिंग का मानकीकरण करना है।
- IOB की कार्बन जवाबदेही की प्रतिबद्धता भारत के 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य का समर्थन करती है।
- बैंक अपने लोन और निवेश गतिविधियों से जुड़े GHG उत्सर्जन को मापने और प्रकाशित करने का लक्ष्य रखता है।
- IOB पर्यावरणीय स्थिरता में सक्रिय रहा है, जैसे कि 2 अक्टूबर 2024 को स्वच्छ भारत दिवस में भाग लिया।
- अपनी CSR पहलों के तहत, IOB ने चेन्नई में इको-फ्रेंडली कचरा संग्रह के लिए दो बैटरी ऑपरेटेड वाहन (BOVs) दान किए।
- MD & CEO अजय कुमार श्रीवास्तव ने IOB की जिम्मेदार बैंकिंग और वैश्विक स्थिरता मानकों के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
- बैंक अपने संचालन में पर्यावरण, सामाजिक और शासन (ESG) सिद्धांतों को लगातार एकीकृत कर रहा है।
- IOB अपने विकास रणनीति के हिस्से के रूप में अर्थव्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालने का लक्ष्य रखता है।





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