आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था के बेहतर होने की संभावना जताई। वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में उपभोक्ता और व्यावसायिक विश्वास, निवेश और मजबूत बैंकिंग स्थिरता जैसे घरेलू कारकों को उजागर किया गया है।
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- आरबीआई गवर्नर ने 2025 में आर्थिक सुधार की संभावना जताई।
- 2024-25 की पहली छमाही में जीडीपी वृद्धि 6% रही, 2023-24 में 8.2% थी।
- Q2 2024-25 में जीडीपी वृद्धि 5.4%, 7-तिमाही में सबसे कम।
- FY 2024-25 की दूसरी छमाही में सार्वजनिक खर्च और निवेश से रिकवरी की उम्मीद।
- बैंक और NBFC की पूंजी स्तर रेगुलेटरी न्यूनतम से ऊपर।
- बैंकों के सकल एनपीए 2024 में 2.6% से बढ़कर 2026 तक 3% होने की संभावना।
- खराब कर्ज में कमी और रिकवरी से बैंक परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार।
- वैश्विक चुनौतियां: भू-राजनीतिक तनाव, जलवायु संकट और बढ़ता कर्ज।
- RBI ने आश्वासन दिया कि कोई बैंक न्यूनतम पूंजी आवश्यकता 9% से नीचे नहीं जाएगा।





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