केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पर्चे वाली दवाओं की बिक्री करने वाले चिकित्सा परिसरों में सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है।
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- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 8 सितंबर 2026 को औषधि नियम, 1945 के नियम 65 में संशोधन का प्रारूप अधिसूचना जारी किया।
- प्रस्तावित संशोधन के तहत थोक विक्रेताओं को छोड़कर पर्चे वाली दवाएं उपलब्ध कराने वाले चिकित्सा परिसरों में सीसीटीवी लगाना अनिवार्य होगा।
- प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार सीसीटीवी से प्राप्त अभिलेखों को कम से कम 3 महीने तक सुरक्षित रखना आवश्यक होगा।
- प्रारूप में पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर उपलब्ध कराई जाने वाली किसी भी दवा को व्यापक रूप से शामिल किया गया है।
- अनुसूची एच की दवाओं के लिए पर्चा आवश्यक है, जबकि अनुसूची एच1 में अधिक कठोर अभिलेख रखने की व्यवस्था लागू है।
- अनुसूची एच1 में कुछ प्रतिजैविक और क्षय रोग संबंधी दवाएं शामिल हैं, जबकि अनुसूची एक्स में मादक और मन:प्रभावी दवाएं आती हैं।
- प्रस्ताव की औषधि परामर्श समिति ने जांच की और औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड ने संशोधन की सिफारिश की।
- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रस्तावित संशोधन पर हितधारकों और जनता से आपत्तियां तथा सुझाव आमंत्रित किए हैं।
- जुलाई 2026 में 12 प्रतिशत से अधिक एथिल अल्कोहल वाली 30 मिलीलीटर से अधिक औषधियों के लिए चिकित्सकीय पर्चा आवश्यक किया गया।
- प्रस्तावित सीसीटीवी व्यवस्था पर्चे वाली दवाओं की बिक्री, औषधि परिसरों और नियंत्रित दवा वितरण की निगरानी मजबूत करने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है।





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