भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष डॉलर-रुपया विनिमय सुविधा से 73 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा आई, जिससे देश की बाहरी वित्तीय क्षमता मजबूत हुई।
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- भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष डॉलर-रुपया विदेशी मुद्रा विनिमय सुविधा से 21 अगस्त 2026 तक कुल 73 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा जुटाई गई।
- यह सुविधा 8 जून 2026 को विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमा, विदेशी मुद्रा ऋण और बाहरी वाणिज्यिक ऋण के लिए शुरू की गई थी।
- विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमा से अकेले 65.40 अरब डॉलर की राशि आई, जो विदेशों में रहने वाले भारतीयों की मजबूत भागीदारी दर्शाती है।
- 73 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा 11 सप्ताह से कम समय में जुटाई गई, जिसने वर्ष 2013 की योजना की गति और स्तर को पीछे छोड़ दिया।
- वर्ष 2013 की भारतीय रिजर्व बैंक विनिमय योजना से लगभग 26 अरब डॉलर जुटे थे, जबकि वर्तमान योजना ने इससे कहीं अधिक राशि जुटाई।
- मजबूत प्रतिक्रिया के कारण भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा अनिवासी बैंक जमा सुविधा बंद करने की तिथि 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त कर दी।
- वित्त मंत्रालय के अनुसार, योजना से बड़े स्तर पर दीर्घकालिक विदेशी जमा और संस्थागत वित्त प्राप्त हुआ, जिससे देश की बाहरी वित्तीय सुरक्षा मजबूत हुई।
- सरकार के अनुसार, इस योजना की सफलता विदेशों में रहने वाले भारतीयों के भारत की आर्थिक प्रगति में विश्वास और योगदान को दर्शाती है।





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