थूथुकुडी स्थित वी ओ चिदंबरनार बंदरगाह ने ऊर्जा दक्षता और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नया राष्ट्रीय मानक स्थापित किया।
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- थूथुकुडी स्थित वी ओ चिदंबरनार बंदरगाह प्राधिकरण भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह बन गया जिसे स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त बंदरगाह की मान्यता मिली।
- बंदरगाह को ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ 50001:2018 प्रमाणन प्राप्त करने वाला भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह होने की उपलब्धि मिली।
- वित्त वर्ष 2025-26 में बंदरगाह की कुल बिजली खपत में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी 93.89 प्रतिशत रही।
- ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली में माल संचालन उपकरण, प्रकाश व्यवस्था, भवन, पंप, कार्यशालाएं, ऊर्जा निगरानी और नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां शामिल हैं।
- बंदरगाह में वर्तमान में 1.04 मेगावाट छत सौर ऊर्जा, 6 मेगावाट जमीन आधारित सौर ऊर्जा और 2 मेगावाट पवन ऊर्जा क्षमता है।
- बंदरगाह 2 मेगावाट सौर संयंत्र, 5 मेगावाट घंटा भंडारण वाली 8 मेगावाट पवन परियोजना और 9 मेगावाट पवन परियोजना स्थापित कर रहा है।
- बंदरगाह ने 10 एनएम³ प्रति घंटा क्षमता वाली हरित हाइड्रोजन परीक्षण परियोजना के साथ हरित हाइड्रोजन केंद्र स्थापित किया है।
- बंदरगाह 3 मेगावाट हरित हाइड्रोजन संयंत्र के साथ 750 घन मीटर क्षमता वाले 2 टैंकों की हरित मेथनॉल सुविधा विकसित कर रहा है।





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