मध्य प्रदेश में लगातार तीसरे दिन भारी बारिश जारी रही, जिससे जलभराव, उफनती नदियों और यातायात बाधित होने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ।
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- भोपाल में 24 घंटे के दौरान करीब सात इंच बारिश हुई, जिससे सड़कों और बस्तियों में पानी भर गया तथा निचले इलाकों में घर प्रभावित हुए।
- भारी बारिश और जलभराव के कारण भोपाल में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए विद्यालय बंद रखे गए।
- सीहोर में भिलाखेड़ी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद घर में फंसे एक परिवार के 10 सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
- रायसेन में भारी बारिश से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ा, जबकि कई छोटे पुल डूब गए और कृषि क्षेत्रों में पानी फैल गया।
- भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और शिवपुरी समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की।
- मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार उत्तरी मध्य प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र राज्य में व्यापक बारिश का कारण बन रहा है।
- उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 12 अगस्त के आसपास नए निम्न दबाव क्षेत्र का निर्माण कर सकता है।
- मध्य प्रदेश में 1 जून से 10 अगस्त तक 483 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि सामान्य वर्षा 571 मिलीमीटर होनी चाहिए थी।





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