राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद ने परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के लिए विशेष अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की पहल की है।
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- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और राष्ट्रीय अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान परिषद ने 24 जून 2026 को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
- इस पहल के अंतर्गत परिवहन, गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स अर्थशास्त्र पर केंद्रित भारत का पहला स्थायी और स्वतंत्र अनुसंधान केंद्र स्थापित किया जाएगा।
- यह केंद्र साक्ष्य आधारित योजना निर्माण, निवेश निर्णयों और नीतिगत सुधारों के लिए अनुप्रयुक्त आर्थिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा।
- अनुसंधान कार्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग अर्थशास्त्र, माल परिवहन, बहु माध्यमीय एकीकरण और क्षेत्रीय आर्थिक प्रभावों का अध्ययन शामिल होगा।
- केंद्र टोल नीति, परिसंपत्ति मुद्रीकरण, सड़क सुरक्षा उपायों तथा राजमार्ग संचालन में प्रौद्योगिकी उपयोग पर भी शोध करेगा।
- इसका उद्देश्य परिवहन क्षेत्र की दक्षता बढ़ाने, बेहतर संपर्क व्यवस्था विकसित करने और आर्थिक विकास को गति देने वाले सुझाव प्रदान करना है।
- प्रमुख अर्थशास्त्रियों, परिवहन विशेषज्ञों, नीतिगत विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और संस्थागत प्रतिनिधियों की सलाहकार समिति अनुसंधान गतिविधियों का मार्गदर्शन करेगी।
- यह पहल आधारभूत संरचना विकास में आंकड़ा आधारित निर्णय प्रक्रिया और दीर्घकालिक परिवहन सुधारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।





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