नीतिगत सुधारों, कुशल कार्यबल और सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना के बल पर भारत विनिर्माण तथा वैश्विक क्षमता केंद्रों के लिए अग्रणी केंद्र बन रहा है।
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- ह्यूस्टन में आयोजित गोलमेज चर्चा में विशेषज्ञों ने उन्नत विनिर्माण निवेश के लिए भारत की बढ़ती आकर्षण क्षमता पर विशेष बल दिया।
- कार्यक्रम का आयोजन भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य भारत और अमेरिका के आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाना था।
- विशेषज्ञों ने भारत के विशाल और कुशल कार्यबल को वैश्विक कंपनियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी लाभों में शामिल बताया।
- प्रतिस्पर्धी परिचालन लागत और बेहतर होती अवसंरचना भारत को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बना रही है।
- सुदृढ़ डिजिटल व्यवस्था नवाचार, प्रौद्योगिकी उपयोग और औद्योगिक दक्षता को बढ़ावा देकर आर्थिक विकास को गति प्रदान कर रही है।
- वैश्विक क्षमता केंद्र अनुसंधान, विकास, अभियांत्रिकी और व्यावसायिक सेवाओं के लिए भारत को रणनीतिक आधार के रूप में चुन रहे हैं।
- चर्चा के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, नवाचार और औद्योगिक सहयोग में द्विपक्षीय साझेदारी को विस्तार देने के अवसरों पर विचार किया गया।
- प्रतिभागियों ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में विनिर्माण और वैश्विक क्षमता केंद्रों के विस्तार की संभावनाओं का मूल्यांकन किया।





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