लगातार बढ़ती गर्मी, शहरी ताप वृद्धि और शीतलन उपकरणों की बढ़ती मांग के कारण भारत का विद्युत तंत्र रिकॉर्ड स्तर के दबाव का सामना कर रहा है।
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- भारत में 21 मई 2026 को भीषण गर्मी के बीच विद्युत मांग 270.8 गीगावाट के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।
- वातानुकूलक और शीतलन उपकरणों के बढ़ते उपयोग के कारण कई राज्यों में घरेलू विद्युत मांग औद्योगिक मांग से अधिक तेजी से बढ़ रही है।
- तीव्र शहरीकरण और शहरी ताप द्वीप प्रभाव के कारण भारतीय शहरों का तापमान आसपास के क्षेत्रों से लगभग 2°C से 10°C अधिक दर्ज किया जा रहा है।
- दिन के समय उच्च मांग अवधि में सौर ऊर्जा से लगभग 80 गीगावाट अथवा कुल विद्युत आपूर्ति का लगभग 22 प्रतिशत उत्पादन हुआ।
- रात के तापमान में लगातार वृद्धि के कारण लोगों को लंबे समय तक शीतलन उपकरण चलाने पड़ रहे हैं, जिससे रात में भी विद्युत मांग ऊंची बनी हुई है।
- अधिक आर्द्रता के कारण तटीय और मानसूनी क्षेत्रों में वास्तविक अनुभव होने वाला तापमान बढ़ रहा है, जिससे यांत्रिक शीतलन पर निर्भरता तेज हो रही है।
- विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कमजोर विद्युत अवसंरचना और नवीकरणीय ऊर्जा संतुलन क्षमता की कमी से शाम के समय विद्युत तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है।
- रिपोर्ट में शीतल छतों, छत आधारित सौर ऊर्जा, स्मार्ट विद्युत तंत्र, ऊर्जा दक्ष उपकरणों और हरित शहरी अवसंरचना को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई है।





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