Reserve Bank of India ने भारत की वित्तीय प्रणाली को क्वांटम टेक्नोलॉजी से जुड़े साइबर खतरों के लिए तैयार करने हेतु Q-SAFE विशेषज्ञ समिति का गठन किया है।
BulletsIn
- RBI ने 25 मई 2026 को Q-SAFE समिति का गठन किया।
- Q-SAFE का पूरा नाम Quantum Secure and Adaptive Financial Ecosystem है।
- समिति वित्तीय क्षेत्र में क्वांटम टेक्नोलॉजी के लाभ और जोखिमों का अध्ययन करेगी।
- पैनल क्वांटम कंप्यूटिंग से जुड़े साइबर खतरों की जांच करेगा।
- क्वांटम तकनीक सुपरपोजिशन और एंटैंगलमेंट जैसे सिद्धांतों पर आधारित होती है।
- भविष्य में क्वांटम कंप्यूटिंग बैंकिंग एन्क्रिप्शन को प्रभावित कर सकती है।
- समिति भारत की वित्तीय प्रणाली की quantum-safe cryptography तैयारी का आकलन करेगी।
- पैनल संवेदनशील डिजिटल और बैंकिंग प्रणालियों की पहचान करेगा।
- अध्ययन में Cryptography Bill of Materials (CBOM) भी शामिल होगा।
- CBOM किसी सिस्टम में उपयोग होने वाली एन्क्रिप्शन संपत्तियों की सूची होती है।
- समिति “crypto agility” यानी एन्क्रिप्शन बदलने की क्षमता का भी अध्ययन करेगी।
- RBI, IIT Madras, NPCI और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ समिति का हिस्सा हैं।
- समिति पहली बैठक के छह महीने के भीतर रिपोर्ट सौंप सकती है।
- भविष्य में क्वांटम तकनीक वित्तीय मॉडलिंग और जोखिम विश्लेषण में मदद कर सकती है।
- यह पहल बैंकिंग क्षेत्र में साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा पर बढ़ते फोकस को दर्शाती है।





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