केंद्र सरकार ने घरेलू ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने और आयात निर्भरता कम करने के लिए बड़े कोयला गैसीकरण मिशन को मंजूरी दी है।
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- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने हेतु ₹37,500 करोड़ के बड़े पैकेज को मंजूरी प्रदान की है।
- भारत ने वर्ष 2030 तक प्रतिवर्ष 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है।
- कोयला गैसीकरण प्रक्रिया के माध्यम से कोयले को सिंथेटिक गैस में परिवर्तित किया जाता है जिसका उपयोग उर्वरक और रसायन उत्पादन में होता है।
- इस योजना का उद्देश्य मेथनॉल, अमोनिया और उर्वरक कच्चे पदार्थों के आयात पर भारत की निर्भरता कम करना है।
- सिंथेटिक गैस का उपयोग औद्योगिक ईंधन, प्राकृतिक गैस विकल्प और रासायनिक उत्पादों के घरेलू उत्पादन में किया जाएगा।
- स्वीकृत योजना के अंतर्गत उन्नत और अपेक्षाकृत स्वच्छ प्रौद्योगिकी आधारित सतही कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में इस निर्णय की जानकारी दी।
- कोयला गैसीकरण मिशन से औद्योगिक निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और भारत की ऊर्जा परिवर्तन रणनीति को मजबूती मिलने की संभावना है।





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