भारतीय रिजर्व बैंक और यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने केंद्रीय बैंकिंग सहयोग, वित्तीय स्थिरता और नीति समन्वय को मजबूत करने के लिए नए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
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- भारतीय रिजर्व बैंक और यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने केंद्रीय बैंकिंग सहयोग को मजबूत करने के लिए नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
- यह समझौता 2015 में हुए पुराने करार का संशोधित संस्करण है, जिसका उद्देश्य संस्थागत सहयोग और वित्तीय समन्वय को और मजबूत बनाना है।
- समझौते पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और यूरोपीय केंद्रीय बैंक की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड ने स्विट्जरलैंड के बासेल में हस्ताक्षर किए।
- नया ढांचा दोनों केंद्रीय बैंकों के बीच सूचना आदान-प्रदान, नीति संवाद और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देगा।
- इस सहयोग के तहत बैंकिंग विनियमन, वित्तीय स्थिरता और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर साझा रणनीतियों को मजबूत किया जाएगा।
- समझौता अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली में भारत और यूरोप के बीच बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को भी दर्शाता है।
- भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि यह नई व्यवस्था केंद्रीय बैंकिंग प्रथाओं और वित्तीय क्षेत्र के विकास में सहयोग को नई गति देगी।
- यह करार ऐसे समय हुआ है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था मुद्रास्फीति, ब्याज दरों और वित्तीय अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।





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