भारत ने ओडिशा तट से पहली बार परमाणु क्षमता वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर अपनी सामरिक शक्ति और लंबी दूरी की रक्षा क्षमता को नया मजबूती भरा संदेश दिया।
BulletsIn
- भारत ने 8 मई 2026 को ओडिशा तट के पास अब्दुल कलाम द्वीप से पहली बार परमाणु क्षमता वाली अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
- इस परीक्षण के दौरान बंगाल की खाड़ी में लगभग 3,560 किलोमीटर लंबा सुरक्षा गलियारा निर्धारित किया गया था ताकि समुद्री और हवाई गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सके।
- अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें 5,500 किलोमीटर से अधिक दूरी तक परमाणु या पारंपरिक हथियार ले जाने में सक्षम होती हैं और लंबी दूरी की रणनीतिक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं।
- यह परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
- अब्दुल कलाम द्वीप, जिसे पहले व्हीलर द्वीप कहा जाता था, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन का प्रमुख मिसाइल परीक्षण केंद्र है।
- परीक्षण से पहले भारत ने 6 मई से 9 मई 2026 तक बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के लिए औपचारिक हवाई चेतावनी जारी की थी ताकि उड़ानों और समुद्री मार्गों को नियंत्रित किया जा सके।
- यह परीक्षण 7 मई 2026 को किए गए टैक्टिकल एडवांस्ड रेंज ऑग्मेंटेशन ग्लाइड वेपन सिस्टम के परीक्षण के बाद हुआ, जिससे भारत की रक्षा तैयारियों में तेजी दिखाई दी।
- भारत की अग्नि मिसाइल श्रृंखला देश के रणनीतिक प्रतिरोधक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा विकसित किया गया है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.