राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने अधिक सटीक और समान आर्थिक आकलन के लिए जीएसवीए गणना का नया आधार वर्ष 2022-23 निर्धारित किया।
BulletsIn
- राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने सकल राज्य मूल्य संवर्धन गणना प्रणाली के लिए 2022-23 को नया आधार वर्ष घोषित किया है।
- संशोधित ढांचे का उद्देश्य राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के आर्थिक आकलनों की सटीकता, तुलनीयता और व्यापकता को बेहतर बनाना है।
- सकल राज्य मूल्य संवर्धन किसी राज्य की आर्थिक गतिविधियों को मापने का प्रमुख संकेतक माना जाता है और यह सकल राज्य घरेलू उत्पाद निर्धारण में उपयोग होता है।
- सांख्यिकी मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों, सहित लक्षद्वीप तथा दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, को नई प्रणाली में शामिल करना चाहता है।
- नई प्रणाली में पुरानी एकल अवमूल्यन पद्धति की जगह द्वि-अवमूल्यन, पुनर्मूल्यांकन तथा मात्रा विस्तार जैसी उन्नत गणना विधियों को अपनाया गया है।
- अधिकारियों के अनुसार नई कार्यप्रणाली उत्पादन लागत और अंतिम उत्पाद मूल्यों के अंतर से उत्पन्न आर्थिक विकृतियों को कम करने में सहायक होगी।
- संशोधित ढांचा कृषि, विनिर्माण, खनन, निर्माण, परिवहन, विद्युत तथा वित्तीय सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए समान गणना प्रणाली लागू करेगा।
- यह परिवर्तन भारत की वर्तमान आर्थिक संरचना के अनुरूप क्षेत्रीय आर्थिक आंकड़ों को अधिक विश्वसनीय बनाने और नीति निर्माण को मजबूत करने में मदद करेगा।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.