मद्रास महाजन सभा 1884 में स्थापित भारत के शुरुआती राजनीतिक संगठनों में से एक थी, जिसने राष्ट्रीय चेतना, सुधारों और स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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- मद्रास महाजन सभा की स्थापना 1884 में मद्रास में हुई और यह औपनिवेशिक भारत के प्रारंभिक राजनीतिक संगठनों में शामिल थी।
- इसकी स्थापना एम. वीरराघवाचारियर, जी. सुब्रमणिया अय्यर और पी. आनंदा चार्लू ने की थी।
- पी. रंगैया नायडू के नेतृत्व में सभा ने स्वशासन, राजनीतिक जागरूकता और संवैधानिक सुधारों की मांग उठाई।
- सभा ने विधायी परिषदों के विस्तार, कार्यपालिका और न्यायपालिका के पृथक्करण, करों में कमी और भारतीयों को प्रशासनिक सेवाओं में अधिक अवसर देने की मांग की।
- इस संगठन ने सामाजिक सुधार, समानता, न्याय और जन अधिकारों के संरक्षण का समर्थन किया तथा ब्रिटिश भेदभावपूर्ण नीतियों का विरोध किया।
- मद्रास महाजन सभा ने नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे राष्ट्रीय आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी निभाई, जिसमें कई सदस्य जेल गए।
- महात्मा गांधी ने 1896 में सभा को संबोधित किया, जिससे इसका राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़ाव और मजबूत हुआ।
- इस संस्था ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया और स्वतंत्रता के बाद सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया।





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