वित्त वर्ष 2026 में चीन ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बनकर उभरा, जिसमें आयात में वृद्धि और व्यापार घाटे का विस्तार प्रमुख कारण रहे।
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- वित्त वर्ष 2026 में भारत और चीन के बीच कुल व्यापार लगभग 151 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिससे चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया।
- अमेरिका, जो पिछले चार वर्षों से शीर्ष स्थान पर था, इस वर्ष दूसरे स्थान पर खिसक गया, क्योंकि द्विपक्षीय व्यापार वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही।
- चीन से भारत का आयात लगभग 16 प्रतिशत बढ़कर 131 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जो औद्योगिक और विनिर्माण जरूरतों पर निर्भरता दर्शाता है।
- भारत का चीन को निर्यात भी 36 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 19.5 अरब डॉलर तक पहुंचा, लेकिन यह आयात की तुलना में काफी कम बना रहा।
- भारत और चीन के बीच व्यापार घाटा बढ़कर 112 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जो द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
- अमेरिका के साथ व्यापार में मध्यम वृद्धि दर्ज की गई, लेकिन भारत का व्यापार अधिशेष इस दौरान कुछ हद तक कम हो गया।
- संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी और ब्राजील जैसे देशों में भारत के निर्यात में वृद्धि देखी गई, जबकि ब्रिटेन और नीदरलैंड्स में गिरावट दर्ज हुई।
- यह बदलाव वैश्विक व्यापार पैटर्न में परिवर्तन को दर्शाता है, जहां आयात-आधारित वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला निर्भरता प्रमुख भूमिका निभा रही है।





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