भारतीय संविधान के निर्माण में संविधान सभा की विभिन्न समितियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और संघीय संरचना, मौलिक अधिकारों तथा प्रशासनिक ढांचे पर विचार किया।
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• संविधान सभा ने संविधान निर्माण से जुड़े जटिल विषयों पर विचार करने के लिए कई समितियों का गठन किया, जिनका उद्देश्य विभिन्न संवैधानिक पहलुओं का अध्ययन करना था।
• संविधान सभा में आठ प्रमुख समितियाँ और कई गौण समितियाँ थीं, जिन्होंने अलग-अलग विषयों पर अध्ययन कर संविधान निर्माण की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया।
• जवाहरलाल नेहरू ने संघ शक्तियाँ समिति, संघ संविधान समिति और राज्य समिति की अध्यक्षता की और केंद्र की संरचना से जुड़े मुद्दों पर कार्य किया।
• डॉ. राजेन्द्र प्रसाद नियम प्रक्रिया समिति और संचालन समिति के अध्यक्ष थे, जिन्होंने संविधान सभा के कार्य संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी संभाली।
• सरदार वल्लभभाई पटेल ने प्रांतीय संविधान समिति तथा मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यक और जनजातीय क्षेत्रों से संबंधित सलाहकार समिति की अध्यक्षता की।
• 29 अगस्त 1947 को डॉ. भीमराव अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारूप समिति का गठन किया गया, जिसने संविधान का अंतिम मसौदा तैयार किया।
• प्रारूप समिति में सात सदस्य थे, जिनमें एन. गोपालस्वामी अय्यंगार, अल्लादी कृष्णस्वामी अय्यर, के. एम. मुंशी और सैयद मोहम्मद सादुल्लाह शामिल थे।
• वित्त एवं कर्मचारी समिति, सदन समिति और प्रत्याय पत्र समिति जैसी गौण समितियों ने प्रशासनिक और प्रक्रियागत कार्यों को व्यवस्थित करने में योगदान दिया।





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