2024 पृथ्वी का अब तक का सबसे गर्म साल रहा, जिसमें 2015 पेरिस समझौते द्वारा निर्धारित 1.5°C गर्मी की सीमा को पार कर दिया गया। वैश्विक तापमान के आंकड़े जलवायु परिवर्तन की खतरनाक गति और उसके विनाशकारी प्रभावों को उजागर करते हैं।
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- 2024 ने 2023 का तापमान रिकॉर्ड तोड़ा, सबसे गर्म साल बना।
- पृथ्वी का तापमान औद्योगिक काल से पहले के स्तर से 1.6°C अधिक दर्ज हुआ।
- 1.5°C वार्मिंग सीमा अस्थायी रूप से पार हुई।
- कैलिफोर्निया में जंगल की आग ने हजारों इमारतें नष्ट कीं और बड़े पैमाने पर पलायन हुआ।
- राष्ट्रपति बाइडेन ने आग को “जलवायु परिवर्तन का प्रमाण” बताया।
- चरम जलवायु बदलावों के कारण तूफान हेलीन और स्पेन में बाढ़ आई।
- विशेषज्ञों का कहना है कि हम स्थायी रूप से 1.5°C सीमा पार करने की कगार पर हैं।
- 2015 पेरिस समझौते का लक्ष्य अभी भी दूर।
- वैज्ञानिकों ने तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया।
- अभूतपूर्व तापमान वृद्धि ने वैश्विक पारिस्थितिक तंत्र और मानव सुरक्षा को खतरे में डाला।





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