2025 के अंत में जब अमेरिकी शटडाउन के कारण नासा के डेटा सर्वर ठप पड़ गए, तब भारत के खगोल विज्ञान केंद्रों ने कमान संभाली। भारतीय वेधशालाओं ने अंतरतारकीय धूमकेतु 3I/ATLAS का लगातार निरीक्षण किया — यह सौरमंडल में प्रवेश करने वाला तीसरा ऐसा पिंड है। भारतीय वैज्ञानिकों के समन्वित प्रयासों से निरंतर डेटा उपलब्ध



